रामगंज मंडीविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1985
हरि कुमार (BJP) ने 1985 के विधान सभा चुनाव में 48.1% वोट पाकर रामगंज मंडी सीट जीती और हाजी अब्दुल वहाब (INC) को 4,396 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 115 बड़ी सादड़ी थी। 2003 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2008 से सीट नंबर 115 नावां है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
7.8% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
10 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | हरि कुमार | 26,95848.1% | |
| 2 | हाजी अब्दुल वहाब | 22,56240.3% | |
| 3 | कालू राम निर्दलीय | निर्दलीय | 3,2605.8% |
| 4 | दीन दयाल भार्गव निर्दलीय | निर्दलीय | 1,0381.9% |
| 5 | कैलाश चन्द जैन निर्दलीय | निर्दलीय | 6491.2% |
| 6 | पन्ना लाल गुर्जर निर्दलीय | निर्दलीय | 6191.1% |
| 7 | गिरिराज प्रसाद निर्दलीय | निर्दलीय | 4080.7% |
| 8 | श्याम मनोहर निर्दलीय | निर्दलीय | 2600.5% |
| 9 | रमेश सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1260.2% |
| 10 | राम चन्द्र निर्दलीय | निर्दलीय | 1200.2% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
BJP, INC और एक निर्दलीय को 94% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.51 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2008 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2008 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
रामगंज मंडी से कौन जीता, 1977–2003
BJP ने 1980 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 57.4% से घटकर 48.1% रह गया। मतदान प्रतिशत 1980 के 62.0% से घटकर 58.9% रह गया। इसके बाद 1990 के चुनाव में भी BJP ने यह सीट अपने पास रखी।