टोडारायसिंहविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1980
चतुर्भुज (INC(I)) ने 1980 के विधान सभा चुनाव में 46.8% वोट पाकर टोडारायसिंह सीट जीती और गोपालस्वरूप (JNP(JP)) को 4,851 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 92 भिनाय थी। 2003 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2008 से सीट नंबर 92 सवाई माधोपुर है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
11.6% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
8 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | चतुर्भुज | 19,63846.8% | |
| 2 | गोपालस्वरूप JNP(JP) | JNP(JP) | 14,78735.3% |
| 3 | जगदीश प्रसाद निर्दलीय | निर्दलीय | 3,6678.7% |
| 4 | हरजी राम JNP(SC) | JNP(SC) | 2,2455.3% |
| 5 | नारायण नाथ निर्दलीय | निर्दलीय | 5851.4% |
| 6 | गोपी राम निर्दलीय | निर्दलीय | 3670.9% |
| 7 | हुकम चन्द JNP(SR) | JNP(SR) | 3600.9% |
| 8 | श्रवण निर्दलीय | निर्दलीय | 2910.7% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
INC(I), JNP(JP) और एक निर्दलीय को 91% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.82 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2008 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2008 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
टोडारायसिंह से कौन जीता, 1977–2003
INC(I) ने यह सीट JNP से छीन ली, जिसने इसे 1977 में जीता था। मतदान प्रतिशत 1977 के 62.8% से घटकर 53.9% रह गया। इसके बाद 1985 के चुनाव में यह सीट BJP ने जीती।