नवलगढ़विधान सभा चुनाव का परिणाम, 1980
भंवर सिंह (INC(I)) ने 1980 के विधान सभा चुनाव में 35.3% वोट पाकर नवलगढ़ सीट जीती और नौरंग सिंह (JNP(SC)) को 168 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 27 फतेहपुर थी। 2003 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2008 से सीट नंबर 27 झुन्झुनू है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
नवलगढ़ का फ़ैसला सिर्फ़ 0.3% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 168 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
9 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | भंवर सिंह | 21,26135.3% | |
| 2 | नौरंग सिंह JNP(SC) | JNP(SC) | 21,09335.0% |
| 3 | मातू राम | 16,02326.6% | |
| 4 | नथमल सेन निर्दलीय | निर्दलीय | 1,0881.8% |
| 5 | भगवान सिंह आर्य निर्दलीय | निर्दलीय | 3040.5% |
| 6 | प्यारेलाल राजस्थानी JNP(SR) | JNP(SR) | 2450.4% |
| 7 | सांवरमल बसोतिया निर्दलीय | निर्दलीय | 1470.2% |
| 8 | हेम राज निर्दलीय | निर्दलीय | 660.1% |
| 9 | दिनेश कुमार शर्मा | 550.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 97% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.15 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2008 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2008 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
नवलगढ़ से कौन जीता, 1977–2003
INC(I) ने यह सीट JNP से छीन ली, जिसने इसे 1977 में जीता था। मतदान प्रतिशत 1977 के 53.5% से बढ़कर 55.9% हो गया। इसके बाद 1985 के चुनाव में यह सीट LKD ने जीती।