रायपुरविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1980
सुखलाल सेंचा (INC(I)) ने 1980 के विधान सभा चुनाव में 48.1% वोट पाकर रायपुर सीट जीती और हीरा सिंह चौहान (BJP) को 5,726 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 160 आहोर थी। 2003 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2008 से सीट नंबर 160 सागवाड़ा है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — सुखलाल सेंचा 15.1% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
7 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | सुखलाल सेंचा | 18,28148.1% | |
| 2 | हीरा सिंह चौहान | 12,55533.1% | |
| 3 | मोतीलाल देवासी JNP(SC) | JNP(SC) | 3,0348.0% |
| 4 | राजू भाई वाम दल | वाम दल | 2,2195.8% |
| 5 | मांगीलाल नायक निर्दलीय | निर्दलीय | 1,0592.8% |
| 6 | सीताराम सोनी निर्दलीय | निर्दलीय | 4121.1% |
| 7 | तेजा राम गेहलोत निर्दलीय | निर्दलीय | 4041.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
INC(I), BJP और JNP(SC) को 89% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.84 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2008 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2008 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
रायपुर से कौन जीता, 1977–2003
INC(I) ने यह सीट INC से छीन ली, जिसने इसे 1977 में जीता था। मतदान प्रतिशत 1977 के 52.4% से घटकर 48.0% रह गया। इसके बाद 1985 के चुनाव में यह सीट BJP ने जीती।