आसीन्दविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1980
नानूराम (INC(I)) ने 1980 के विधान सभा चुनाव में 50.2% वोट पाकर आसीन्द सीट जीती और लक्ष्मी लाल गुजर (निर्दलीय) को 9,511 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 158 भीनमाल थी। 2003 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2008 से सीट नंबर 158 डूंगरपुर है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — नानूराम 22.9% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
3 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | नानूराम | 20,85150.2% | |
| 2 | लक्ष्मी लाल गुजर निर्दलीय | निर्दलीय | 11,34027.3% |
| 3 | भाग चन्द गुजर | 9,34422.5% |
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
INC(I), एक निर्दलीय और BJP को 100% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.65 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2008 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2008 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
आसीन्द से कौन जीता, 1977–2003
INC(I) ने यह सीट JNP से छीन ली, जिसने इसे 1977 में जीता था। मतदान प्रतिशत 1977 के 61.5% से घटकर 51.6% रह गया। इसके बाद 1985 के चुनाव में यह सीट एक निर्दलीय उम्मीदवार ने जीती।
- 1977विजेन्द्र पाल सिंह (JNP), जीत का अंतर 5.6%
- 1980नानूराम (INC(I)), जीत का अंतर 22.9%
- 1985विजेन्द्र पाल सिंह (IND), जीत का अंतर 16.1%
- 1990लक्ष्मी लाल (INC), जीत का अंतर 1.3%
- 1993विजयेंद्र पाल सिंह (BJP), जीत का अंतर 11.1%
- 1998विजयेंद्र पाल सिंह (BJP), जीत का अंतर 4.2%
- 2003हगामी लाल (IND), जीत का अंतर 10.6%