अजमेर पूर्वविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1977
कल्याण सिंह (JNP) ने 1977 के विधान सभा चुनाव में 65.9% वोट पाकर अजमेर पूर्व सीट जीती और राम बाबू शुभराम (INC) को 13,671 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 95 पाटन थी। 2003 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2008 से सीट नंबर 95 निवाई है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — कल्याण सिंह 37.8% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
7 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | कल्याण सिंह जनता | जनता | 23,85465.9% |
| 2 | राम बाबू शुभराम | 10,18328.1% | |
| 3 | राम स्वरूप निर्दलीय | निर्दलीय | 8142.3% |
| 4 | गणपत लाल निर्दलीय | निर्दलीय | 3881.1% |
| 5 | अभयो सिंह बिंजावत निर्दलीय | निर्दलीय | 3741.0% |
| 6 | शोभा राम गहरवार निर्दलीय | निर्दलीय | 2880.8% |
| 7 | राम सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 2830.8% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
JNP और INC को 94% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 1.94 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2008 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2008 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
अजमेर पूर्व से कौन जीता, 1977–2003
इसके बाद 1980 के चुनाव में यह सीट BJP ने जीती।