राजगढ़विधान सभा चुनाव का परिणाम, 1972
हरि किशन (निर्दलीय) ने 1972 के विधान सभा चुनाव में 43.0% वोट पाकर राजगढ़ सीट जीती और समरथ लाल (INC) को 179 वोटों से हराया।
1967 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1962 में सीट नंबर 59 खण्डार थी। 1972 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1977 से सीट नंबर 59 मंडावर है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
राजगढ़ का फ़ैसला सिर्फ़ 0.4% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 179 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
5 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | हरि किशन निर्दलीय | निर्दलीय | 20,85443.0% |
| 2 | समरथ लाल कांग्रेस (आर) | कांग्रेस (आर) | 20,67542.6% |
| 3 | क्री पाली महागठबंधन | महागठबंधन | 3,3296.9% |
| 4 | राम चरण | 3,0516.3% | |
| 5 | कल्याण सहाय महागठबंधन | महागठबंधन | 5901.2% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
एक निर्दलीय, INC और BJS को 92% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.66 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2008 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2008 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
राजगढ़ से कौन जीता, 1967–1972
एक निर्दलीय उम्मीदवार ने यह सीट SWA से छीन ली, जिसने इसे 1967 में जीता था। मतदान प्रतिशत 1967 के 55.5% से बढ़कर 63.9% हो गया।
- 1967एस. लाल (SWA), जीत का अंतर 14.8%
- 1972हरि किशन (IND), जीत का अंतर 0.4%