किशनपोलविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1972
श्रीराम गोटेवाला (INC) ने 1972 के विधान सभा चुनाव में 43.2% वोट पाकर किशनपोल सीट जीती और भंवर लाल शर्मा (BJS) को 7,567 वोटों से हराया।
1967 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1962 में सीट नंबर 38 अलवर थी। 1972 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1977 से सीट नंबर 38 चोमू है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
14.5% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
6 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | श्रीराम गोटेवाला कांग्रेस (आर) | कांग्रेस (आर) | 22,59043.2% |
| 2 | भंवर लाल शर्मा महागठबंधन | महागठबंधन | 15,02328.7% |
| 3 | राधा मोहन महागठबंधन | महागठबंधन | 8,90317.0% |
| 4 | मोहन पुनमिया वाम दल | वाम दल | 5,25310.1% |
| 5 | रमेश चन्द निर्दलीय | निर्दलीय | 3840.7% |
| 6 | कल्याण मेहरा निर्दलीय | निर्दलीय | 1410.3% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 89% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.24 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2008 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2008 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
किशनपोल से कौन जीता, 1967–1972
INC ने यह सीट BJS से छीन ली, जिसने इसे 1967 में जीता था। मतदान प्रतिशत लगभग 1967 जितना ही रहा: 54.7%।
- 1967बी.एस. शेखावत (BJS), जीत का अंतर 20.3%
- 1972श्रीराम गोटेवाला (INC), जीत का अंतर 14.5%