लक्ष्मणगढ़विधान सभा चुनाव का परिणाम, 1972
केशर देव (SWA) ने 1972 के विधान सभा चुनाव में 49.7% वोट पाकर लक्ष्मणगढ़ सीट जीती और नथमल (INC) को 684 वोटों से हराया।
1967 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1962 में सीट नंबर 28 दौसा थी। 1972 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1977 से सीट नंबर 28 झुन्झुनू है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
लक्ष्मणगढ़ का फ़ैसला सिर्फ़ 1.8% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 684 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
3 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | केशर देव महागठबंधन | महागठबंधन | 19,03149.7% |
| 2 | नथमल कांग्रेस (आर) | कांग्रेस (आर) | 18,34748.0% |
| 3 | सुरजा वाम दल | वाम दल | 8832.3% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
SWA और INC को 98% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.09 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2008 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2008 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
लक्ष्मणगढ़ से कौन जीता, 1967–1972
SWA ने 1967 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 44.4% से बढ़कर 49.7% हो गया। मतदान प्रतिशत 1967 के 56.2% से घटकर 45.2% रह गया।
- 1967नथमल (SWA), जीत का अंतर 4.9%
- 1972केशर देव (SWA), जीत का अंतर 1.8%