मावलीविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1972
आचार्य निरंजननाथ (निर्दलीय) ने 1972 के विधान सभा चुनाव में 77.8% वोट पाकर मावली सीट जीती और सुन्दर लाल (INC) को 25,427 वोटों से हराया।
1967 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1962 में सीट नंबर 127 खारची थी। 1972 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1977 से सीट नंबर 127 प्रतापगढ़ है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — आचार्य निरंजननाथ 63.1% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
6 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | आचार्य निरंजननाथ निर्दलीय | निर्दलीय | 31,32477.8% |
| 2 | सुन्दर लाल कांग्रेस (आर) | कांग्रेस (आर) | 5,89714.6% |
| 3 | केसर सिंह महागठबंधन | महागठबंधन | 1,9524.8% |
| 4 | भंवर लाल निर्दलीय | निर्दलीय | 4351.1% |
| 5 | शंकर लाल निर्दलीय | निर्दलीय | 4261.1% |
| 6 | नरेंद्र पाल सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 2520.6% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
एक निर्दलीय और INC को 92% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 1.59 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2008 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2008 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
मावली से कौन जीता, 1967–1972
एक निर्दलीय उम्मीदवार ने यह सीट INC से छीन ली, जिसने इसे 1967 में जीता था। मतदान प्रतिशत 1967 के 57.0% से घटकर 54.0% रह गया।
- 1967एन. एन. आचार्य (INC), जीत का अंतर 15.0%
- 1972आचार्य निरंजननाथ (IND), जीत का अंतर 63.1%