मंडावाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1967
आर. नारायण (INC) ने 1967 के विधान सभा चुनाव में 47.2% वोट पाकर मंडावा सीट जीती और ए. सिंह (SWA) को 9,778 वोटों से हराया।
1967 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1962 में सीट नंबर 26 सिकराय थी। 1972 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1977 से सीट नंबर 26 गुढ़ा है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — आर. नारायण 23.6% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
8 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | आर. नारायण | 19,50447.2% | |
| 2 | ए. सिंह स्वतंत्र पार्टी | स्वतंत्र पार्टी | 9,72623.5% |
| 3 | एल. राम निर्दलीय | निर्दलीय | 6,30615.3% |
| 4 | जी.एस. खान वाम दल | वाम दल | 2,2245.4% |
| 5 | ओ. कावलिया निर्दलीय | निर्दलीय | 2,1865.3% |
| 6 | महाबीर निर्दलीय | निर्दलीय | 4771.1% |
| 7 | एस. लाल निर्दलीय | निर्दलीय | 4691.1% |
| 8 | ओ. मल निर्दलीय | निर्दलीय | 4621.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 86% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.26 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2008 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2008 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
मंडावा से कौन जीता, 1967–1972
इसके बाद 1972 के चुनाव में भी INC ने यह सीट अपने पास रखी।
- 1967आर. नारायण (INC), जीत का अंतर 23.6%
- 1972राम नारायण चौधरी (INC), जीत का अंतर 28.0%