धूरीविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2007
इकबाल सिंह झूंदां (निर्दलीय) ने 2007 के विधान सभा चुनाव में 31.9% वोट पाकर धूरी सीट जीती और माइ रूप कौर (INC) को 3,179 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 80 पटियाला थी। 2007 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2012 से सीट नंबर 80 फाजिल्का है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
नज़दीकी मुक़ाबला। इकबाल सिंह झूंदां 2.8% के अंतर से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
13 उम्मीदवारनाम पर टैप करें
| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | इकबाल सिंह झूंदां निर्दलीय | निर्दलीय | 36,46931.9% |
| 2 | माइ रूप कौर UPA | UPA | 33,29029.1% |
| 3 | गगनजीत सिंह NDA | NDA | 24,88721.8% |
| 4 | धनवंत सिंह | 13,15011.5% | |
| 5 | मनिंदर सिंह | 2,6272.3% | |
| 6 | करनैल सिंह | 1,1121.0% | |
| 7 | लछमन सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 7140.6% |
| 8 | अमर सिंह NDA | NDA | 5490.5% |
| 9 | मोहम्मद शमशाद निर्दलीय | निर्दलीय | 4150.4% |
| 10 | इकबाल सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 3610.3% |
| 11 | राजिंदर सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 3260.3% |
| 12 | बलजीत सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 3240.3% |
| 13 | मनजिंदर सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 2050.2% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 83% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 4.04 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
धूरी से कौन जीता, 1977–2007
एक निर्दलीय उम्मीदवार ने यह सीट SAD से छीन ली, जिसने इसे 2002 में जीता था। मतदान प्रतिशत 2002 के 72.4% से बढ़कर 82.7% हो गया।