मोगाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1997
तोता सिंह (SAD) ने 1997 के विधान सभा चुनाव में 47.4% वोट पाकर मोगा सीट जीती और साथी विजय कुमार (JD) को 21,399 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 99 पक्का कलां थी। 2007 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2012 से सीट नंबर 99 लहरा है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — तोता सिंह 24.4% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
8 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | तोता सिंह BJP-SAD Alliance (Punjab, 1997) | BJP-SAD Alliance (Punjab, 1997) | 41,61647.4% |
| 2 | साथी विजय कुमार संयुक्त मोर्चा | संयुक्त मोर्चा | 20,21723.0% |
| 3 | मालती | 16,91919.3% | |
| 4 | अमरजीत सिंह | 5,7036.5% | |
| 5 | जगदीश चन्द्र निर्दलीय | निर्दलीय | 2,5422.9% |
| 6 | निर्भय सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 5590.6% |
| 7 | हरनेक सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1130.1% |
| 8 | विक्टर सैमुअल निर्दलीय | निर्दलीय | 830.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 90% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.12 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
मोगा से कौन जीता, 1977–2007
SAD ने यह सीट INC से छीन ली, जिसने इसे 1992 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1977 से शुरू होता है, यह SAD की पहली जीत थी। 1977 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे एकतरफ़ा नतीजा था। मतदान प्रतिशत 1992 के 23.0% से बढ़कर 65.7% हो गया। इसके बाद 2002 के चुनाव में भी SAD ने यह सीट अपने पास रखी।