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पंजाब · विधान सभा सीट नंबर 88

सुनामविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1997

भगवान दास अरोड़ा (INC) ने 1997 के विधान सभा चुनाव में 41.1% वोट पाकर सुनाम सीट जीती और सुखदेव सिंह ढींडसा (SAD) को 2,506 वोटों से हराया।

1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 88 शेरपुर थी। 2007 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2012 से सीट नंबर 88 कोटकपूरा है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।

विजेता

भगवान दास अरोड़ा
INC 41.1%SAD 38.6%4 अन्य 20.3%
मिले वोट
42,413
मतों का 41.1%
जीत का अंतर
2,506
कुल वोटों का 2.4%
उम्मीदवार
6
मतदान प्रतिशत
76.7%
1,34,659 मतदाताओं में से

नज़दीकी मुक़ाबला। भगवान दास अरोड़ा 2.4% के अंतर से जीते।

सीट का इतिहास

सभी उम्मीदवार

6 उम्मीदवार
#उम्मीदवारपार्टीमिले वोट · %
1
भगवान दास अरोड़ा
42,41341.1%
2
सुखदेव सिंह ढींडसा
BJP-SAD Alliance (Punjab, 1997)
BJP-SAD Alliance (Punjab, 1997)
39,90738.6%
3
सन्मुख सिंह मोखा
निर्दलीय
निर्दलीय
20,07619.4%
4
परमजीत सिंह
BSP(A)
BSP(A)
4860.5%
5
गुरिंदरपाल सिंह सिद्धू (बिट्टू)
निर्दलीय
निर्दलीय
3100.3%
6
सुरजीत सिंह
निर्दलीय
निर्दलीय
920.1%

परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।

नज़दीकी मुक़ाबला, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।

सीट का इतिहास लोड हो रहा है…

यह सीट कितनी पक्की है?

इस सीट के आंकड़े
2.4%

जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में

कितने लोगों ने वोट डाला?

इस सीट के आंकड़े
77%

पंजीकृत मतदाताओं में से

कमज़्यादा

मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?

इस सीट के आंकड़े
दो या तीन दल

INC, SAD और एक निर्दलीय को 99% वोट मिले।

मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.81

सदन में किसके पास कितनी सीटें?

इस सीट के आंकड़े
117 सीटें · बहुमत का आँकड़ा 59

वोट किस तरह बँटे?

इस सीट के आंकड़े
41.1%INC की जीत
INC 41.1%SAD 38.6%निर्दलीय 19.4%अन्य 0.9%

यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।

राज्य के आँकड़े पूछें

RBI 2024-25

ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।

सुनाम से कौन जीता, 1977–2007

INC ने 1992 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 41.6% से घटकर 41.1% रह गया। 1977 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1992 के 12.8% से बढ़कर 76.7% हो गया। इसके बाद 2002 के चुनाव में यह सीट SAD ने जीती।

  1. 1977सुखदेव सिंह (SAD), जीत का अंतर 21.8%
  2. 1980गुरबचन सिंह (SAD), जीत का अंतर 25.7%
  3. 1985सुखदेव सिंह (SAD), जीत का अंतर 16.7%
  4. 1992भगवान दास (INC), जीत का अंतर 12.2%
  5. 1997भगवान दास अरोड़ा (INC), जीत का अंतर 2.4%
  6. 2002परमिंदर सिंह (SAD), जीत का अंतर 18.9%
  7. 2007परमिंदर सिंह ढींडसा (SAD), जीत का अंतर 8.5%