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पंजाब · विधान सभा सीट नंबर 85

धनौलाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1997

गोबिन्द सिंह (SAD) ने 1997 के विधान सभा चुनाव में 36.9% वोट पाकर धनौला सीट जीती और मंजीत सिंह (INC) को 3,082 वोटों से हराया।

1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 85 सरहिंद थी। 2007 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2012 से सीट नंबर 85 मलोट है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।

विजेता

गोबिन्द सिंह
SAD· BJP-SAD Alliance (Punjab, 1997)
SAD 36.9%INC 33.5%2 अन्य 29.6%
मिले वोट
33,748
मतों का 36.9%
जीत का अंतर
3,082
कुल वोटों का 3.4%
उम्मीदवार
4
मतदान प्रतिशत
76.8%
1,19,150 मतदाताओं में से

नज़दीकी मुक़ाबला। गोबिन्द सिंह 3.4% के अंतर से जीते।

सीट का इतिहास

सभी उम्मीदवार

4 उम्मीदवार
#उम्मीदवारपार्टीमिले वोट · %
1
गोबिन्द सिंह
BJP-SAD Alliance (Punjab, 1997)
BJP-SAD Alliance (Punjab, 1997)
33,74836.9%
2
मंजीत सिंह
30,66633.5%
3
जीत सिंह
निर्दलीय
निर्दलीय
18,92020.7%
4
गुरसेव कौर
संयुक्त मोर्चा
संयुक्त मोर्चा
8,1608.9%

परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।

नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।

सीट का इतिहास लोड हो रहा है…

यह सीट कितनी पक्की है?

इस सीट के आंकड़े
3.4%

जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में

कितने लोगों ने वोट डाला?

इस सीट के आंकड़े
77%

पंजीकृत मतदाताओं में से

कमज़्यादा

मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?

इस सीट के आंकड़े
कई दावेदारों वाला मुक़ाबला

सबसे आगे के तीन दलों को 91% वोट मिले।

मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.34

सदन में किसके पास कितनी सीटें?

इस सीट के आंकड़े
117 सीटें · बहुमत का आँकड़ा 59

वोट किस तरह बँटे?

इस सीट के आंकड़े
36.9%SAD की जीत
SAD 36.9%INC 33.5%निर्दलीय 20.7%CPM 8.9%

यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।

राज्य के आँकड़े पूछें

RBI 2024-25

ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।

धनौला से कौन जीता, 1977–2007

SAD ने यह सीट INC से छीन ली, जिसने इसे 1992 में जीता था; SAD ने यहाँ पिछली बार 1985 में जीत दर्ज की थी। 1977 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1992 के 5.4% से बढ़कर 76.8% हो गया। इसके बाद 2002 के चुनाव में भी SAD ने यह सीट अपने पास रखी।

  1. 1977संपूरन सिंह (CPM), जीत का अंतर 6.0%
  2. 1980राजिंदर कौर (INC(I)), जीत का अंतर 3.9%
  3. 1985गोबिंग सिंह लोंगोवाल (SAD), जीत का अंतर 40.8%
  4. 1992मंजीत सिंह (INC), जीत का अंतर 22.0%
  5. 1997गोबिन्द सिंह (SAD), जीत का अंतर 3.4%
  6. 2002गोबिन्द सिंह लोंगोवाल (SAD), जीत का अंतर 9.1%
  7. 2007कुलदीप सिंह भट्ठल (INC), जीत का अंतर 3.3%