डकालाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1997
हरमेल सिंह (SAD) ने 1997 के विधान सभा चुनाव में 39.6% वोट पाकर डकाला सीट जीती और लाल सिंह (INC) को 9,903 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 73 आनन्दपुर साहिब थी। 2007 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2012 से सीट नंबर 73 मोगा है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
9.6% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
9 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | हरमेल सिंह BJP-SAD Alliance (Punjab, 1997) | BJP-SAD Alliance (Punjab, 1997) | 41,06239.6% |
| 2 | लाल सिंह | 31,15930.1% | |
| 3 | चरणजीत सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 14,63514.1% |
| 4 | चरणदीप सिंह | 8,2768.0% | |
| 5 | राम लाल निर्दलीय | निर्दलीय | 5,8025.6% |
| 6 | गुरदर्शन कौर SJP(R) | SJP(R) | 8930.9% |
| 7 | अमरजीत BSP(A) | BSP(A) | 7720.7% |
| 8 | रंजीत सिंह तिवाना निर्दलीय | निर्दलीय | 7240.7% |
| 9 | नराता सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 3170.3% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 84% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.61 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
डकाला से कौन जीता, 1977–2007
SAD ने यह सीट INC से छीन ली, जिसने इसे 1992 में जीता था; SAD ने यहाँ पिछली बार 1985 में जीत दर्ज की थी। मतदान प्रतिशत 1992 के 19.4% से बढ़कर 74.0% हो गया। इसके बाद 2002 के चुनाव में यह सीट INC ने जीती।