जलालाबादविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1992
हंस राज (INC) ने 1992 के विधान सभा चुनाव में 24.6% वोट पाकर जलालाबाद सीट जीती और सुच्चा सिंह (BSP) को 2,888 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 93 सुनाम थी। 2007 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2012 से सीट नंबर 93 बठिंडा ग्रामीण है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
नज़दीकी मुक़ाबला। हंस राज 3.9% के अंतर से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
8 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | हंस राज | 18,10524.6% | |
| 2 | सुच्चा सिंह | 15,21720.7% | |
| 3 | कुन्दन सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 13,85018.8% |
| 4 | सुरिंदर सिंह | 11,54415.7% | |
| 5 | आल्ला सिंह वाम दल | वाम दल | 8,73111.9% |
| 6 | गुरदीप सिंह | 3,1584.3% | |
| 7 | प्यारा सिंह जनता दल | जनता दल | 2,0482.8% |
| 8 | चंबा राम निर्दलीय | निर्दलीय | 8581.2% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 64% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 5.54 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
जलालाबाद से कौन जीता, 1977–2007
INC ने यह सीट CPI से छीन ली, जिसने इसे 1985 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1977 से शुरू होता है, यह INC की पहली जीत थी। 1977 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1985 के 65.9% से घटकर 55.7% रह गया। इसके बाद 1997 के चुनाव में यह सीट SAD ने जीती।