अबोहरविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1992
सज्जन कुमार (INC) ने 1992 के विधान सभा चुनाव में 55.4% वोट पाकर अबोहर सीट जीती और अरजण सिंह (BJP) को 24,104 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 91 धनौला थी। 2007 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2012 से सीट नंबर 91 भुच्चो मंडी है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — सज्जन कुमार 34.9% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
13 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | सज्जन कुमार | 38,21155.4% | |
| 2 | अरजण सिंह | 14,10720.4% | |
| 3 | सही राम | 10,67615.5% | |
| 4 | राम औतार निर्दलीय | निर्दलीय | 2,4893.6% |
| 5 | भाग सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1,4352.1% |
| 6 | विजय कुमार जनता दल | जनता दल | 8621.3% |
| 7 | रतन लाल निर्दलीय | निर्दलीय | 3170.5% |
| 8 | ओम प्रकाश निर्दलीय | निर्दलीय | 2470.4% |
| 9 | अशोक कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 1770.3% |
| 10 | परमजीत सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1700.3% |
| 11 | अनिल सतीजा निर्दलीय | निर्दलीय | 1190.2% |
| 12 | इन्द्र सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 970.1% |
| 13 | प्रेम पाल सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 950.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
INC, BJP और BSP को 91% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.67 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
अबोहर से कौन जीता, 1977–2007
INC ने यह सीट BJP से छीन ली, जिसने इसे 1985 में जीता था; INC ने यहाँ पिछली बार 1977 में जीत दर्ज की थी। 1977 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे एकतरफ़ा नतीजा था। मतदान प्रतिशत 1985 के 66.0% से घटकर 52.7% रह गया। इसके बाद 1997 के चुनाव में यह सीट BJP ने जीती।