पटियाला टाउनविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1992
ब्रह्म मोहिंदर (INC) ने 1992 के विधान सभा चुनाव में 36.0% वोट पाकर पटियाला टाउन सीट जीती और कृष्ण कुमार (निर्दलीय) को 1,472 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 76 खरड़ थी। 2007 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2012 से सीट नंबर 76 फिरोजपुर शहर है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
नज़दीकी मुक़ाबला। ब्रह्म मोहिंदर 4.0% के अंतर से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
7 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | ब्रह्म मोहिंदर | 13,13536.0% | |
| 2 | कृष्ण कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 11,66332.0% |
| 3 | निर्मल पांडोव | 7,28520.0% | |
| 4 | देविंदर पाल सिंह हज़ारा | 2,3536.5% | |
| 5 | सुरेन्द्र कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 1,7094.7% |
| 6 | गोपाल कृष्ण निर्दलीय | निर्दलीय | 2540.7% |
| 7 | अमृतबीर सिंह जनता दल | जनता दल | 810.2% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 88% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.59 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
पटियाला टाउन से कौन जीता, 1977–2007
INC ने 1985 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 46.5% से घटकर 36.0% रह गया। मतदान प्रतिशत 1985 के 63.0% से घटकर 34.1% रह गया। इसके बाद 1997 के चुनाव में यह सीट SAD ने जीती।