गुरु हर सहायविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1985
सजवारसिंह (निर्दलीय) ने 1985 के विधान सभा चुनाव में 23.6% वोट पाकर गुरु हर सहाय सीट जीती और गुरुहरेश सिंह (निर्दलीय) को 3,171 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 94 लहरा थी। 2007 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2012 से सीट नंबर 94 तलवंडी साबो है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
नज़दीकी मुक़ाबला। सजवारसिंह 4.8% के अंतर से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
9 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | सजवारसिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 15,56423.6% |
| 2 | गुरुहरेश सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 12,39318.8% |
| 3 | गुरमीत सिंह | 9,21814.0% | |
| 4 | गुरदीप सिंह Akali (Shiromani Akali Dal) | Akali (Shiromani Akali Dal) | 8,19912.4% |
| 5 | वेद प्रकाश वाम दल | वाम दल | 7,87211.9% |
| 6 | खुशाल चन्द | 6,61810.0% | |
| 7 | जरनैल सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 3,9366.0% |
| 8 | माखन सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1,9843.0% |
| 9 | नरेश कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 1820.3% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को सिर्फ़ 56% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 6.46 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
गुरु हर सहाय से कौन जीता, 1977–2007
एक निर्दलीय उम्मीदवार ने यह सीट BJP से छीन ली, जिसने इसे 1980 में जीता था। मतदान प्रतिशत 1980 के 70.6% से घटकर 65.5% रह गया। इसके बाद 1992 के चुनाव में यह सीट INC ने जीती।