समानाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1985
हरदियाल सिंह राजला (SAD) ने 1985 के विधान सभा चुनाव में 51.0% वोट पाकर समाना सीट जीती और सोहन लाल जलोटा (INC) को 4,653 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 75 मोरिंडा थी। 2007 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2012 से सीट नंबर 75 जीरा है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
6.8% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
22 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | हरदियाल सिंह राजला Akali (Shiromani Akali Dal) | Akali (Shiromani Akali Dal) | 34,62651.0% |
| 2 | सोहन लाल जलोटा | 29,97344.1% | |
| 3 | बनारसी दास निर्दलीय | निर्दलीय | 7001.0% |
| 4 | राजिंदर कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 5670.8% |
| 5 | हरभजन सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 3630.5% |
| 6 | राम कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 3280.5% |
| 7 | गुरदीप सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1680.3% |
| 8 | पवन कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 1350.2% |
| 9 | ज्ञान चन्द निर्दलीय | निर्दलीय | 1270.2% |
| 10 | फेलेल सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1220.2% |
| 11 | नारायण दास निर्दलीय | निर्दलीय | 1200.2% |
| 12 | भगवान दास निर्दलीय | निर्दलीय | 1090.2% |
| 13 | गुरदेव सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 940.1% |
| 14 | किरपाल सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 910.1% |
| 15 | रंजीत कौर निर्दलीय | निर्दलीय | 670.1% |
| 16 | नहर सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 610.1% |
| 17 | जगदीश चन्द निर्दलीय | निर्दलीय | 570.1% |
| 18 | राजीव कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 500.1% |
| 19 | रोशन लाल निर्दलीय | निर्दलीय | 480.1% |
| 20 | इन्द्र देव निर्दलीय | निर्दलीय | 350.1% |
| 21 | जोगिंदर पाल निर्दलीय | निर्दलीय | 350.1% |
| 22 | वीरा सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 310.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
SAD और INC को 95% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.20 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
समाना से कौन जीता, 1977–2007
SAD ने यह सीट INC(I) से छीन ली, जिसने इसे 1980 में जीता था; SAD ने यहाँ पिछली बार 1977 में जीत दर्ज की थी। मतदान प्रतिशत 1980 के 60.6% से बढ़कर 63.5% हो गया। इसके बाद 1992 के चुनाव में भी SAD ने यह सीट अपने पास रखी।
- 1977गुरदेव सिंह (SAD), जीत का अंतर 12.7%
- 1980संत राम (INC(I)), जीत का अंतर 11.3%
- 1985हरदियाल सिंह राजला (SAD), जीत का अंतर 6.8%
- 1992अमरिंदर सिंह (निर्विरोध) (SAD), निर्विरोध निर्वाचित
- 1997जगतार सिंह राजला (SAD), जीत का अंतर 35.8%
- 2002सुरजीत सिंह रखड़ा (SAD), जीत का अंतर 9.1%
- 2007ब्रह्म महिंद्र (INC), जीत का अंतर 1.5%