बंगाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1985
बलवंत सिंह (SAD) ने 1985 के विधान सभा चुनाव में 38.3% वोट पाकर बंगा सीट जीती और जगत राम (INC) को 2,016 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 37 नरोट मेहरा थी। 2007 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2012 से सीट नंबर 37 जालंधर छावनी है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
नज़दीकी मुक़ाबला। बलवंत सिंह 3.4% के अंतर से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
6 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | बलवंत सिंह Akali (Shiromani Akali Dal) | Akali (Shiromani Akali Dal) | 22,81338.3% |
| 2 | जगत राम | 20,79735.0% | |
| 3 | सतनाम सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 11,00618.5% |
| 4 | मोहिंदर पाल वाम दल | वाम दल | 3,8116.4% |
| 5 | हरबंस लाल निर्दलीय | निर्दलीय | 6061.0% |
| 6 | गुरबख्श राम निर्दलीय | निर्दलीय | 4700.8% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 92% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.25 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
बंगा से कौन जीता, 1977–2007
SAD ने यह सीट INC(I) से छीन ली, जिसने इसे 1980 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1977 से शुरू होता है, यह SAD की पहली जीत थी। मतदान प्रतिशत 1980 के 65.5% से बढ़कर 70.4% हो गया। इसके बाद 1992 के चुनाव में यह सीट BSP ने जीती।