पक्का कलांविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1985
सुजन सिंह (SAD) ने 1985 के विधान सभा चुनाव में 28.6% वोट पाकर पक्का कलां सीट जीती और बिमल कुमार (निर्दलीय) को 415 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में कोई सीट नंबर 110 नहीं थी। 2007 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2012 से सीट नंबर 110 पटियाला ग्रामीण है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
पक्का कलां का फ़ैसला सिर्फ़ 0.7% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 415 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
8 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | सुजन सिंह Akali (Shiromani Akali Dal) | Akali (Shiromani Akali Dal) | 17,01728.6% |
| 2 | बिमल कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 16,60227.9% |
| 3 | बग्गा सिंह | 15,57626.2% | |
| 4 | गुरसेवक सिंह वाम दल | वाम दल | 6,96611.7% |
| 5 | दलबारा सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1,5222.6% |
| 6 | नीलू सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 8851.5% |
| 7 | गुरचरन सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 4650.8% |
| 8 | सुखदेव सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 4220.7% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 83% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 4.11 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
पक्का कलां से कौन जीता, 1977–2007
1977 से यहाँ हर चुनाव SAD ने जीता है: यह लगातार उसकी तीसरी जीत थी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 49.4% से घटकर 28.6% रह गया। मतदान प्रतिशत 1980 के 61.4% से बढ़कर 65.7% हो गया। इसके बाद 1992 के चुनाव में यह सीट INC ने जीती।