बाघा पुरानाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1985
मलकीत सिंह सिद्धू (SAD) ने 1985 के विधान सभा चुनाव में 58.8% वोट पाकर बाघा पुराना सीट जीती और दर्शन सिंह बरार (INC) को 8,854 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 100 भटिण्डा थी। 2007 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2012 से सीट नंबर 100 दिड़बा है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — मलकीत सिंह सिद्धू 17.7% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
2 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | मलकीत सिंह सिद्धू Akali (Shiromani Akali Dal) | Akali (Shiromani Akali Dal) | 29,47158.8% |
| 2 | दर्शन सिंह बरार | 20,61741.2% |
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
SAD और INC को 100% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 1.94 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
बाघा पुराना से कौन जीता, 1977–2007
1977 से यहाँ हर चुनाव SAD ने जीता है: यह लगातार उसकी तीसरी जीत थी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 46.2% से बढ़कर 58.8% हो गया। मतदान प्रतिशत 1980 के 64.4% से घटकर 53.9% रह गया। इसके बाद 1992 के चुनाव में यह सीट JD ने जीती।