फिरोजपुरविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1980
बाल मुकंद (INC(I)) ने 1980 के विधान सभा चुनाव में 54.5% वोट पाकर फिरोजपुर सीट जीती और गरधारा सिंह (BJP) को 7,069 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 95 सरदूलगढ़ थी। 2007 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2012 से सीट नंबर 95 मौड़ है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
13.3% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
7 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | बाल मुकंद | 29,03054.5% | |
| 2 | गरधारा सिंह | 21,96141.2% | |
| 3 | अमर नाथ निर्दलीय | निर्दलीय | 1,0512.0% |
| 4 | गुरदयाल सिंह JNP(SC) | JNP(SC) | 7471.4% |
| 5 | स्वर्ण राम उर्फ़ श्रवण लाल निर्दलीय | निर्दलीय | 2330.4% |
| 6 | खान मसीह निर्दलीय | निर्दलीय | 1810.3% |
| 7 | भगत राम निर्दलीय | निर्दलीय | 660.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
INC(I) और BJP को 96% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.14 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
फिरोजपुर से कौन जीता, 1977–2007
INC(I) ने यह सीट JNP से छीन ली, जिसने इसे 1977 में जीता था। मतदान प्रतिशत 1977 के 63.7% से घटकर 61.7% रह गया। इसके बाद 1985 के चुनाव में यह सीट INC ने जीती।