नरोट मेहराविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1980
अमर नाथ (INC(I)) ने 1980 के विधान सभा चुनाव में 50.6% वोट पाकर नरोट मेहरा सीट जीती और महाशा पूरन चन्द (BJP) को 10,512 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 9 फिरोज़पुर थी। 2007 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2012 से सीट नंबर 9 फतेहगढ़ चूड़ियां है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — अमर नाथ 25.1% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
6 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | अमर नाथ | 21,21550.6% | |
| 2 | महाशा पूरन चन्द | 10,70325.5% | |
| 3 | सुरजीत कुमारी वाम दल | वाम दल | 7,45017.8% |
| 4 | सुखदेव निर्दलीय | निर्दलीय | 1,5193.6% |
| 5 | रतन चन्द JNP(SC) | JNP(SC) | 8572.0% |
| 6 | गुरदयाल मल निर्दलीय | निर्दलीय | 1870.5% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
INC(I), BJP और CPM को 94% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.82 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
नरोट मेहरा से कौन जीता, 1977–2007
INC(I) ने यह सीट INC से छीन ली, जिसने इसे 1977 में जीता था। मतदान प्रतिशत 1977 के 67.5% से घटकर 61.8% रह गया। इसके बाद 1985 के चुनाव में यह सीट BJP ने जीती।