समरालाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1980
करम सिंह (INC(I)) ने 1980 के विधान सभा चुनाव में 45.4% वोट पाकर समराला सीट जीती और परलाद सिंह (SAD) को 7,493 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 63 रायकोट थी। 2007 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2012 से सीट नंबर 63 लुधियाना मध्य है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
14.3% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
7 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | करम सिंह | 23,80745.4% | |
| 2 | परलाद सिंह | 16,31431.1% | |
| 3 | अजमेर सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 7,76614.8% |
| 4 | हरबंस सिंह JNP(SC) | JNP(SC) | 2,2764.3% |
| 5 | गुरदीप सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1,1052.1% |
| 6 | कुन्दन सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1,0962.1% |
| 7 | हरचरण सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1050.2% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 91% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.06 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
समराला से कौन जीता, 1977–2007
INC(I) ने यह सीट SAD से छीन ली, जिसने इसे 1977 में जीता था। मतदान प्रतिशत 1977 के 64.8% से बढ़कर 66.0% हो गया। इसके बाद 1985 के चुनाव में यह सीट SAD ने जीती।