बटालाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1980
गोपाल कृष्ण चतरथ (INC(I)) ने 1980 के विधान सभा चुनाव में 49.6% वोट पाकर बटाला सीट जीती और बलदेव मित्तर (BJP) को 5,616 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 2 गिद्दड़बाहा थी। 2007 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2012 से सीट नंबर 2 भोआ है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
10.5% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
9 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | गोपाल कृष्ण चतरथ | 26,44849.6% | |
| 2 | बलदेव मित्तर | 20,83239.1% | |
| 3 | इसाक बी. दास | 3,2836.2% | |
| 4 | विक्रमजीत सिंह JNP(SC) | JNP(SC) | 2,0493.8% |
| 5 | ओम प्रकाश निर्दलीय | निर्दलीय | 2020.4% |
| 6 | यश कमल पाठक निर्दलीय | निर्दलीय | 1540.3% |
| 7 | चन्नण सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1290.2% |
| 8 | कैलाश सैमुअल निर्दलीय | निर्दलीय | 1250.2% |
| 9 | धर्म पाल निर्दलीय | निर्दलीय | 1100.2% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
INC(I), BJP और SAD को 95% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.48 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
बटाला से कौन जीता, 1977–2007
INC(I) ने यह सीट JNP से छीन ली, जिसने इसे 1977 में जीता था। मतदान प्रतिशत 1977 के 69.5% से घटकर 66.0% रह गया। इसके बाद 1985 के चुनाव में यह सीट INC ने जीती।