वेरकाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1980
सोहन सिंह (CPI) ने 1980 के विधान सभा चुनाव में 48.3% वोट पाकर वेरका सीट जीती और दलबीर सिंह (INC(I)) को 346 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 14 मोगा थी। 2007 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2012 से सीट नंबर 14 जंडियाला है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
वेरका का फ़ैसला सिर्फ़ 0.7% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 346 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
7 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | सोहन सिंह वाम दल | वाम दल | 24,49148.3% |
| 2 | दलबीर सिंह | 24,14547.6% | |
| 3 | प्रकाश चन्द | 7251.4% | |
| 4 | हरबंस लाल भगत JNP(SC) | JNP(SC) | 7231.4% |
| 5 | हरबंस सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 3260.6% |
| 6 | इन्द्रजीत तुंग निर्दलीय | निर्दलीय | 2500.5% |
| 7 | प्रीतम सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 660.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
CPI और INC(I) को 96% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.17 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
वेरका से कौन जीता, 1977–2007
CPI ने यह सीट SAD से छीन ली, जिसने इसे 1977 में जीता था। मतदान प्रतिशत 1977 के 57.6% से घटकर 56.3% रह गया। इसके बाद 1985 के चुनाव में यह सीट INC ने जीती।