मलोटविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1980
मातू राम (INC(I)) ने 1980 के विधान सभा चुनाव में 48.7% वोट पाकर मलोट सीट जीती और बलदेव सिंह (CPI) को 157 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में कोई सीट नंबर 107 नहीं थी। 2007 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2012 से सीट नंबर 107 धूरी है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
मलोट का फ़ैसला सिर्फ़ 0.3% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 157 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
9 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | मातू राम | 22,45548.7% | |
| 2 | बलदेव सिंह वाम दल | वाम दल | 22,29848.3% |
| 3 | दलीप सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 4170.9% |
| 4 | सुजन सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 3410.7% |
| 5 | धर्म चन्द निर्दलीय | निर्दलीय | 2920.6% |
| 6 | गुरतेज सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1430.3% |
| 7 | शिव चन्द निर्दलीय | निर्दलीय | 850.2% |
| 8 | सब्बर हुसैन निर्दलीय | निर्दलीय | 550.1% |
| 9 | रूलदा सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 440.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
INC(I) और CPI को 97% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.12 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
मलोट से कौन जीता, 1977–2007
INC(I) ने यह सीट CPI से छीन ली, जिसने इसे 1977 में जीता था। मतदान प्रतिशत 1977 के 64.5% से घटकर 54.1% रह गया। इसके बाद 1985 के चुनाव में यह सीट INC ने जीती।