कूम कलांविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1977
दया सिंह (CPM) ने 1977 के विधान सभा चुनाव में 50.3% वोट पाकर कूम कलां सीट जीती और शाम सिंह संधू (INC) को 4,211 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 62 जगरांव थी। 2007 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2012 से सीट नंबर 62 आतम नगर है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
8.8% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
8 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | दया सिंह वाम दल | वाम दल | 23,96550.3% |
| 2 | शाम सिंह संधू | 19,75441.5% | |
| 3 | भाग सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1,7083.6% |
| 4 | रत्ती राम निर्दलीय | निर्दलीय | 1,3312.8% |
| 5 | कीकर सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 3010.6% |
| 6 | दौलत सिंह JMD | JMD | 2360.5% |
| 7 | वरियाम सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1680.3% |
| 8 | अमर चन्द निर्दलीय | निर्दलीय | 1460.3% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
CPM, INC और एक निर्दलीय को 95% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.34 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
कूम कलां से कौन जीता, 1977–2007
इसके बाद 1980 के चुनाव में भी CPM ने यह सीट अपने पास रखी।