जालंधर उत्तरविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1977
रमेश चन्द्र (JNP) ने 1977 के विधान सभा चुनाव में 51.1% वोट पाकर जालंधर उत्तर सीट जीती और गुरदयाल सैनी (INC) को 3,149 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 30 फतेहगढ़ थी। 2007 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2012 से सीट नंबर 30 फिल्लौर है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
6.3% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
7 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | रमेश चन्द्र जनता | जनता | 25,54251.1% |
| 2 | गुरदयाल सैनी | 22,39344.8% | |
| 3 | मोहिंदर सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 7021.4% |
| 4 | अश्वनी कुमार शर्मा निर्दलीय | निर्दलीय | 5081.0% |
| 5 | जसवंत सिंह कंवल ILP | ILP | 4630.9% |
| 6 | मोहन लाल निर्दलीय | निर्दलीय | 3440.7% |
| 7 | निरंजन दास निर्दलीय | निर्दलीय | 420.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
JNP और INC को 96% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.16 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
जालंधर उत्तर से कौन जीता, 1977–2007
इसके बाद 1980 के चुनाव में यह सीट INC(I) ने जीती।