चांदबालीविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2004
नेत्रानंद मल्लिक (INC) ने 2004 के विधान सभा चुनाव में 39.9% वोट पाकर चांदबाली सीट जीती और बिष्णु चरण सेठी (BJP) को 1,475 वोटों से हराया।
1974 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1971 में सीट नंबर 21 बासुदेवपुर थी। 2004 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2009 से सीट नंबर 21 घासीपुरा है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
चांदबाली का फ़ैसला सिर्फ़ 1.1% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 1,475 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
7 उम्मीदवारनाम पर टैप करें
| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | नेत्रानंद मल्लिक INC-JMM-OGP (UPA गठबंधन) | INC-JMM-OGP (UPA गठबंधन) | 54,47439.9% |
| 2 | बिष्णु चरण सेठी NDA | NDA | 52,99938.8% |
| 3 | राजेन्द्र कु दास निर्दलीय | निर्दलीय | 22,85516.7% |
| 4 | अक्षय मलिक | 3,3552.5% | |
| 5 | बिक्रमादित्य सेठी निर्दलीय | निर्दलीय | 1,9471.4% |
| 6 | महेश्वर सेठी निर्दलीय | निर्दलीय | 6180.5% |
| 7 | बिजय सेठी निर्दलीय | निर्दलीय | 4310.3% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
नज़दीकी मुक़ाबला, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
INC, BJP और एक निर्दलीय को 95% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.96 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2009 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2009 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
चांदबाली से कौन जीता, 1974–2004
INC ने यह सीट BJP से छीन ली, जिसने इसे 2000 में जीता था; INC ने यहाँ पिछली बार 1995 में जीत दर्ज की थी। 1974 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 2000 के 64.4% से बढ़कर 67.0% हो गया।
- 1974माना मोहन दास (INC), जीत का अंतर 15.6%
- 1977गंगाधर दास (JNP), जीत का अंतर 23.4%
- 1980नेत्रानंद मल्लिक (INC(I)), जीत का अंतर 17.9%
- 1985नेत्रानंद मलिक (INC), जीत का अंतर 7.1%
- 1990बैरागी जेना (JD), जीत का अंतर 17.6%
- 1995नेत्रानंद मल्लिक (INC), जीत का अंतर 10.0%
- 2000बिष्णु चरण सेठी (BJP), जीत का अंतर 7.4%
- 2004नेत्रानंद मल्लिक (INC), जीत का अंतर 1.1%