सोरडाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1995
अनंत नारायण सिंह देव (BJP) ने 1995 के विधान सभा चुनाव में 31.8% वोट पाकर सोरडा सीट जीती और गंटायेत स्वाईं (INC) को 2,599 वोटों से हराया।
1974 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1971 में सीट नंबर 67 खलीकोट थी। 2004 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2009 से सीट नंबर 67 पाटनागढ़ है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
नज़दीकी मुक़ाबला। अनंत नारायण सिंह देव 2.8% के अंतर से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
8 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | अनंत नारायण सिंह देव | 30,00931.8% | |
| 2 | गंटायेत स्वाईं | 27,41029.0% | |
| 3 | खिरोदे कुमारी जनता दल | जनता दल | 25,19526.7% |
| 4 | अश्विनी कुमार पात्रो निर्दलीय | निर्दलीय | 5,5115.8% |
| 5 | बनमाली पंडा | 2,2972.4% | |
| 6 | प्रभात प्रधान PSSS | PSSS | 1,6621.8% |
| 7 | दंडपाणि मोहन्ती CPI(ML)(L) | CPI(ML)(L) | 1,2411.3% |
| 8 | बाबुली प्रधान निर्दलीय | निर्दलीय | 1,1271.2% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 87% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.83 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2009 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2009 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
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RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
सोरडा से कौन जीता, 1974–2004
BJP ने यह सीट JD से छीन ली, जिसने इसे 1990 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1974 से शुरू होता है, यह BJP की पहली जीत थी। 1974 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1990 के 55.1% से बढ़कर 58.6% हो गया। इसके बाद 2000 के चुनाव में यह सीट INC ने जीती।
- 1974शरत चंदा पंडा (INC), जीत का अंतर 7.3%
- 1977अनंत नारायण सिंहदेव (JNP), जीत का अंतर 14.8%
- 1980गंतायत स्वाईं (INC(I)), जीत का अंतर 4.6%
- 1985शरत चन्द्र पंडा (INC), जीत का अंतर 10.3%
- 1990शांति देवी (JD), जीत का अंतर 18.8%
- 1995अनंत नारायण सिंह देव (BJP), जीत का अंतर 2.8%
- 2000उषा रानी पंडा (INC), जीत का अंतर 5.8%
- 2004किशोर चन्द्र सिंह देव (BJP), जीत का अंतर 27.9%