खलीकोटविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1971
त्रिनाथ सामंत्र (UTC) ने 1971 के विधान सभा चुनाव में 40.1% वोट पाकर खलीकोट सीट जीती और नारायण साहू (SOP) को 1,292 वोटों से हराया।
1967 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1961 में सीट नंबर 67 चंपुआ थी। 1971 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1974 से सीट नंबर 67 सोरडा है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
नज़दीकी मुक़ाबला। त्रिनाथ सामंत्र 2.8% के अंतर से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
3 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | त्रिनाथ सामंत्र UTC | UTC | 18,55040.1% |
| 2 | नारायण साहू | 17,25837.3% | |
| 3 | चन्द्र प्रिया मर्दा राय कांग्रेस (आर) | कांग्रेस (आर) | 10,50022.7% |
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
UTC, SOP और INC को 100% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.85 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2009 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2009 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
खलीकोट से कौन जीता, 1967–1971
UTC ने यह सीट SSP से छीन ली, जिसने इसे 1967 में जीता था। मतदान प्रतिशत 1967 के 50.0% से बढ़कर 55.7% हो गया।
- 1967एन. साहू (SSP), जीत का अंतर 24.8%
- 1971त्रिनाथ सामंत्र (UTC), जीत का अंतर 2.8%