बरहामपुरविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1985
शिबशंकर साहनी (INC) ने 1985 के विधान सभा चुनाव में 51.4% वोट पाकर बरहामपुर सीट जीती और बिनायक महापात्र (निर्दलीय) को 9,182 वोटों से हराया।
1974 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1971 में सीट नंबर 75 पारलाखेमुंडी थी। 2004 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2009 से सीट नंबर 75 नबरंगपुर है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — शिबशंकर साहनी 17.7% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
8 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | शिबशंकर साहनी | 26,67051.4% | |
| 2 | बिनायक महापात्र निर्दलीय | निर्दलीय | 17,48833.7% |
| 3 | अलिकिशोर पटनायक वाम दल | वाम दल | 3,7797.3% |
| 4 | खली साहू निर्दलीय | निर्दलीय | 1,8283.5% |
| 5 | सतीश कुमार पतराव | 1,0262.0% | |
| 6 | बालाजी साहू निर्दलीय | निर्दलीय | 6091.2% |
| 7 | रामा चन्द्र साहू निर्दलीय | निर्दलीय | 2730.5% |
| 8 | कसीनाथ महापात्र निर्दलीय | निर्दलीय | 2380.5% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
INC, एक निर्दलीय और CPM को 92% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.60 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2009 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2009 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
बरहामपुर से कौन जीता, 1974–2004
INC ने यह सीट INC(I) से छीन ली, जिसने इसे 1980 में जीता था; INC ने यहाँ पिछली बार 1974 में जीत दर्ज की थी। 1974 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1980 के 41.0% से बढ़कर 46.5% हो गया। इसके बाद 1990 के चुनाव में यह सीट JD ने जीती।
- 1974बिनायक आचार्य (INC), जीत का अंतर 18.9%
- 1977रत्नमंजरी देबी (IND), जीत का अंतर 23.3%
- 1980कृष्णा चरण पटनायक (INC(I)), जीत का अंतर 39.1%
- 1985शिबशंकर साहनी (INC), जीत का अंतर 17.7%
- 1990बिनायक महापात्र (JD), जीत का अंतर 36.5%
- 1995रमेश चन्द्र च्याऊ पटनायक (JD), जीत का अंतर 3.7%
- 2000डॉ. रमेश चन्द्र च्याऊ पटनायक (BJD), जीत का अंतर 19.6%
- 2004डॉ. रमेश चन्द्र च्याऊ पटनायक (BJD), जीत का अंतर 2.3%