पिपिलीविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1985
प्रदीप कुमार महारथी (JNP) ने 1985 के विधान सभा चुनाव में 43.6% वोट पाकर पिपिली सीट जीती और बिपिन दास (INC) को 339 वोटों से हराया।
1974 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1971 में सीट नंबर 52 पुरी थी। 2004 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2009 से सीट नंबर 52 जाजपुर है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
पिपिली का फ़ैसला सिर्फ़ 0.6% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 339 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
8 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | प्रदीप कुमार महारथी जनता | जनता | 25,69843.6% |
| 2 | बिपिन दास | 25,35943.0% | |
| 3 | रघुनाथ दास निर्दलीय | निर्दलीय | 2,3213.9% |
| 4 | प्राणकृष्ण दलबेहेरा निर्दलीय | निर्दलीय | 1,9493.3% |
| 5 | सुरेंद्रनाथ मोहन्ती Lok Dal | Lok Dal | 1,3632.3% |
| 6 | शत्रुघ्न बेहेरा निर्दलीय | निर्दलीय | 1,0151.7% |
| 7 | बनम्बर परिडा निर्दलीय | निर्दलीय | 6831.2% |
| 8 | नारायण कंडी निर्दलीय | निर्दलीय | 5390.9% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
JNP, INC और एक निर्दलीय को 91% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.64 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2009 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2009 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
पिपिली से कौन जीता, 1974–2004
JNP ने यह सीट INC(I) से छीन ली, जिसने इसे 1980 में जीता था; JNP ने यहाँ पिछली बार 1977 में जीत दर्ज की थी। 1974 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1980 के 56.4% से बढ़कर 57.5% हो गया। इसके बाद 1990 के चुनाव में यह सीट JD ने जीती।
- 1974बिपिन बिहारी दाश (INC), जीत का अंतर 13.7%
- 1977किरण लेखा मोहन्ती (JNP), जीत का अंतर 20.2%
- 1980बिपिन दास (INC(I)), जीत का अंतर 12.2%
- 1985प्रदीप कुमार महारथी (JNP), जीत का अंतर 0.6%
- 1990प्रदीप कुमार महारथी (JD), जीत का अंतर 37.0%
- 1995युधिष्ठिर सामंतराय (INC), जीत का अंतर 4.6%
- 2000प्रदीप महारथी (BJD), जीत का अंतर 20.8%
- 2004प्रदीप महारथी (BJD), जीत का अंतर 8.5%