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ओडिशा · विधान सभा सीट नंबर 42

गोविंदपुरविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1985

त्रिलोचन कानूनगो (निर्दलीय) ने 1985 के विधान सभा चुनाव में 46.1% वोट पाकर गोविंदपुर सीट जीती और रबीन्द्र कुमार मल्लिक (INC) को 1,383 वोटों से हराया।

1974 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1971 में सीट नंबर 42 कटक सदर थी। 2004 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2009 से सीट नंबर 42 सिमुलिया है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।

विजेता

त्रिलोचन कानूनगो
IND
निर्दलीय 46.1%INC 44.2%3 अन्य 9.7%
मिले वोट
34,635
मतों का 46.1%
जीत का अंतर
1,383
कुल वोटों का 1.8%
उम्मीदवार
5
मतदान प्रतिशत
67.4%
1,11,593 मतदाताओं में से

गोविंदपुर का फ़ैसला सिर्फ़ 1.8% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 1,383 से भी कम वोटों का फ़ासला था।

सीट का इतिहास

सभी उम्मीदवार

5 उम्मीदवार
#उम्मीदवारपार्टीमिले वोट · %
1
त्रिलोचन कानूनगो
निर्दलीय
निर्दलीय
34,63546.1%
2
रबीन्द्र कुमार मल्लिक
33,25244.2%
3
अंतर्यामी प्रधान
जनता
जनता
4,3485.8%
4
राम चन्द्र सिसु
2,4133.2%
5
सारडा प्रसाद सामंतराय
निर्दलीय
निर्दलीय
5250.7%

परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।

नज़दीकी मुक़ाबला, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।

सीट का इतिहास लोड हो रहा है…

यह सीट कितनी पक्की है?

इस सीट के आंकड़े
1.8%

जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में

कितने लोगों ने वोट डाला?

इस सीट के आंकड़े
67%

पंजीकृत मतदाताओं में से

कमज़्यादा

मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?

इस सीट के आंकड़े
दो या तीन दल

एक निर्दलीय, INC और JNP को 96% वोट मिले।

मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.43

सदन में किसके पास कितनी सीटें?

इस सीट के आंकड़े
147 सीटें · बहुमत का आँकड़ा 74

वोट किस तरह बँटे?

इस सीट के आंकड़े
46.1%निर्दलीय की जीत
निर्दलीय 46.1%INC 44.2%JNP 5.8%अन्य 3.9%

यह सीट नंबर 2009 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2009 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।

राज्य के आँकड़े पूछें

RBI 2024-25

ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।

गोविंदपुर से कौन जीता, 1974–2004

एक निर्दलीय उम्मीदवार ने यह सीट JNP(SC) से छीन ली, जिसने इसे 1980 में जीता था। 1974 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1980 के 59.6% से बढ़कर 67.4% हो गया। इसके बाद 1990 के चुनाव में यह सीट एक निर्दलीय उम्मीदवार ने जीती।

  1. 1974सुधांशु मालिनी राय (INC), जीत का अंतर 3.2%
  2. 1977पंचानन कानूनगो (JNP), जीत का अंतर 8.8%
  3. 1980अंतर्यामी प्रधान (JNP(SC)), जीत का अंतर 7.9%
  4. 1985त्रिलोचन कानूनगो (IND), जीत का अंतर 1.8%
  5. 1990रबीन्द्र कुमार मल्लिक (IND), जीत का अंतर 2.4%
  6. 1995पंचानन कानूनगो (JD), जीत का अंतर 0.1%
  7. 2000पंचानन कानूनगो (BJD), जीत का अंतर 1.1%
  8. 2004रबीन्द्र कुमार मल्लिक (INC), जीत का अंतर 3.3%