जशीपुरविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1985
शम्भुनाथ नाईक (निर्दलीय) ने 1985 के विधान सभा चुनाव में 25.9% वोट पाकर जशीपुर सीट जीती और सुशीला तिरिया (INC) को 786 वोटों से हराया।
1974 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1971 में भी सीट नंबर 2 का नाम जशीपुर था, तब सीमाएँ पुरानी थीं। 2004 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2009 से सीट नंबर 2 बीजेपुर है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
नज़दीकी मुक़ाबला। शम्भुनाथ नाईक 2.3% के अंतर से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
8 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | शम्भुनाथ नाईक निर्दलीय | निर्दलीय | 8,89525.9% |
| 2 | सुशीला तिरिया | 8,10923.6% | |
| 3 | मंगलसिंग मुदि जनता | जनता | 6,34518.5% |
| 4 | कान्हूराम हेम्ब्रम निर्दलीय | निर्दलीय | 4,27712.4% |
| 5 | सुन्दर हेम्ब्रम निर्दलीय | निर्दलीय | 4,21712.3% |
| 6 | मिचिराम त्रिया निर्दलीय | निर्दलीय | 1,0533.1% |
| 7 | माधब नायक निर्दलीय | निर्दलीय | 9202.7% |
| 8 | प्राणबिंधु नायक निर्दलीय | निर्दलीय | 5441.6% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 68% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 5.28 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2009 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2009 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
जशीपुर से कौन जीता, 1974–2004
एक निर्दलीय उम्मीदवार ने यह सीट INC(I) से छीन ली, जिसने इसे 1980 में जीता था। 1974 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1980 के 28.4% से बढ़कर 40.5% हो गया। इसके बाद 1990 के चुनाव में यह सीट JD ने जीती।
- 1974घनश्याम हेमरम (IND), जीत का अंतर 3.7%
- 1977कान्हूराम हेम्ब्रम (JNP), जीत का अंतर 34.4%
- 1980सुन्दर मोहन माझी (INC(I)), जीत का अंतर 19.0%
- 1985शम्भुनाथ नाईक (IND), जीत का अंतर 2.3%
- 1990मंगल सिंह मुदि (JD), जीत का अंतर 9.6%
- 1995शंभू नाथ नाईक (IND), जीत का अंतर 2.7%
- 2000भानु चरण नाईक (BJP), जीत का अंतर 8.8%
- 2004शम्भू नाथ नाईक (IND), जीत का अंतर 6.0%