बोनाईविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1985
बसन्त कुमार सिंह दंडपाट (INC) ने 1985 के विधान सभा चुनाव में 28.9% वोट पाकर बोनाई सीट जीती और रबिनारायण नाईक (CPM) को 548 वोटों से हराया।
1974 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1971 में कोई सीट नंबर 141 नहीं थी। 2004 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2009 से सीट नंबर 141 लक्ष्मीपुर है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
बोनाई का फ़ैसला सिर्फ़ 1.5% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 548 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
7 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | बसन्त कुमार सिंह दंडपाट | 10,50928.9% | |
| 2 | रबिनारायण नाईक वाम दल | वाम दल | 9,96127.4% |
| 3 | हेमेन्द्र प्रसाद महापात्र जनता | जनता | 8,76324.1% |
| 4 | रामा चन्द्र किसन निर्दलीय | निर्दलीय | 4,46912.3% |
| 5 | हेमंत कुमार सिंह दंडपाट | 1,5814.4% | |
| 6 | शकुन्तला सांडिल निर्दलीय | निर्दलीय | 5731.6% |
| 7 | चंद्रमणि साहू निर्दलीय | निर्दलीय | 4451.2% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 81% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 4.26 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2009 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2009 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
बोनाई से कौन जीता, 1974–2004
INC ने यह सीट INC(I) से छीन ली, जिसने इसे 1980 में जीता था; INC ने यहाँ पिछली बार 1974 में जीत दर्ज की थी। 1974 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1980 के 33.1% से बढ़कर 40.8% हो गया। इसके बाद 1990 के चुनाव में यह सीट BJP ने जीती।
- 1974बेनुधर नाईक (INC), जीत का अंतर 2.0%
- 1977हेमंत कुमार सिंह दंडपाट (JNP), जीत का अंतर 25.3%
- 1980बसन्त कुमार दंडपाट (INC(I)), जीत का अंतर 16.9%
- 1985बसन्त कुमार सिंह दंडपाट (INC), जीत का अंतर 1.5%
- 1990जुएल ओराम (BJP), जीत का अंतर 3.4%
- 1995जुएल ओराम (BJP), जीत का अंतर 1.7%
- 2000दयानिधि किसन (BJP), जीत का अंतर 17.3%
- 2004लक्ष्मण मुण्डा (CPM), जीत का अंतर 6.1%