मुरुडाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1971
कुआंरिया माझी (SWA) ने 1971 के विधान सभा चुनाव में 36.0% वोट पाकर मुरुडा सीट जीती और निरंजन हेम्ब्रम (UTC) को 3,442 वोटों से हराया।
1967 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1961 में सीट नंबर 7 पाडुआ थी। 1971 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1974 से सीट नंबर 7 बारिपदा है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
14.0% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
7 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | कुआंरिया माझी महागठबंधन | महागठबंधन | 8,83836.0% |
| 2 | निरंजन हेम्ब्रम UTC | UTC | 5,39622.0% |
| 3 | संदुर्ज्यो धान नायक कांग्रेस (आर) | कांग्रेस (आर) | 4,41418.0% |
| 4 | शकीला सरेन महागठबंधन | महागठबंधन | 3,83615.7% |
| 5 | शिबनारायण हेम्ब्रम निर्दलीय | निर्दलीय | 8613.5% |
| 6 | नबीन मरांडी निर्दलीय | निर्दलीय | 6092.5% |
| 7 | सुरेन्द्र सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 5642.3% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 76% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 4.21 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2009 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2009 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
मुरुडा से कौन जीता, 1967–1971
SWA ने यह सीट PSP से छीन ली, जिसने इसे 1967 में जीता था। मतदान प्रतिशत 1967 के 34.5% से घटकर 33.7% रह गया।
- 1967एस. सरेन (PSP), जीत का अंतर 1.0%
- 1971कुआंरिया माझी (SWA), जीत का अंतर 14.0%