अस्काविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1971
कृष्णा चन्द्र त्रिपाठी (UTC) ने 1971 के विधान सभा चुनाव में 43.8% वोट पाकर अस्का सीट जीती और हरि हरा दास (CPI) को 627 वोटों से हराया।
1967 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1961 में सीट नंबर 64 राजगांगपुर थी। 1971 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1974 से सीट नंबर 64 दसपल्ला है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
अस्का का फ़ैसला सिर्फ़ 1.4% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 627 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
4 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | कृष्णा चन्द्र त्रिपाठी UTC | UTC | 19,89043.8% |
| 2 | हरि हरा दास वाम दल | वाम दल | 19,26342.4% |
| 3 | रामा नाथ पाढ़ी कांग्रेस (आर) | कांग्रेस (आर) | 3,3157.3% |
| 4 | दिवती कृष्ण मिश्र महागठबंधन | महागठबंधन | 2,9806.6% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
UTC, CPI और INC को 93% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.63 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2009 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2009 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
अस्का से कौन जीता, 1967–1971
UTC ने यह सीट CPI से छीन ली, जिसने इसे 1967 में जीता था। मतदान प्रतिशत 1967 के 56.0% से बढ़कर 57.8% हो गया।
- 1967एच. दास (CPI), जीत का अंतर 22.8%
- 1971कृष्णा चन्द्र त्रिपाठी (UTC), जीत का अंतर 1.4%