दसपल्लाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1971
साहेब नाईक (INC) ने 1971 के विधान सभा चुनाव में 50.0% वोट पाकर दसपल्ला सीट जीती और नारायण नाईक (SWA) को 5,999 वोटों से हराया।
1967 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1961 में सीट नंबर 58 देवगढ़ थी। 1971 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1977 से सीट नंबर 58 चिलिका है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — साहेब नाईक 29.1% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
6 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | साहेब नाईक कांग्रेस (आर) | कांग्रेस (आर) | 10,31450.0% |
| 2 | नारायण नाईक महागठबंधन | महागठबंधन | 4,31520.9% |
| 3 | भवग्राही नाईक UTC | UTC | 2,32311.3% |
| 4 | मंगुली सेठी JAC | JAC | 2,30311.2% |
| 5 | दंडप्राणी नाईक निर्दलीय | निर्दलीय | 7593.7% |
| 6 | पूर्ण चन्द्र नाईक निर्दलीय | निर्दलीय | 6093.0% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 82% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.11 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2009 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2009 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
दसपल्ला से कौन जीता, 1967–1971
INC ने यह सीट SWA से छीन ली, जिसने इसे 1967 में जीता था। मतदान प्रतिशत 1967 के 31.5% से घटकर 28.1% रह गया।
- 1967बी. नायक (SWA), जीत का अंतर 20.5%
- 1971साहेब नाईक (INC), जीत का अंतर 29.1%