ब्रह्मगिरिविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1971
गोपबंधु पात्र (INC) ने 1971 के विधान सभा चुनाव में 27.8% वोट पाकर ब्रह्मगिरि सीट जीती और सिद्धेश्वर पाणिग्रही (CPM) को 2,738 वोटों से हराया।
1967 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1961 में सीट नंबर 53 बीजेपुर थी। 1971 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1974 से सीट नंबर 53 निमापड़ा है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
7.5% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
6 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | गोपबंधु पात्र कांग्रेस (आर) | कांग्रेस (आर) | 10,13527.8% |
| 2 | सिद्धेश्वर पाणिग्रही वाम दल | वाम दल | 7,39720.3% |
| 3 | मधुसूदन नंदा UTC | UTC | 5,38914.8% |
| 4 | प्रफुल्ल चन्द्र पटनायक महागठबंधन | महागठबंधन | 5,14114.1% |
| 5 | अजय जेना | 5,13114.1% | |
| 6 | फकीर मोहन हरि चन्दन JAC | JAC | 3,3349.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 63% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 5.33 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2009 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2009 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
ब्रह्मगिरि से कौन जीता, 1967–1971
INC ने 1967 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 31.3% से घटकर 27.8% रह गया। मतदान प्रतिशत 1967 के 41.7% से बढ़कर 47.4% हो गया।
- 1967बी. मोहन्ती (INC), जीत का अंतर 10.3%
- 1971गोपबंधु पात्र (INC), जीत का अंतर 7.5%