तिर्तोलविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1971
प्रताप चन्द्र मोहन्ती (UTC) ने 1971 के विधान सभा चुनाव में 53.1% वोट पाकर तिर्तोल सीट जीती और निशामणि खुटिया (PSP) को 14,068 वोटों से हराया।
1967 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1961 में सीट नंबर 33 मदनपुर रामपुर थी। 1971 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1974 से सीट नंबर 33 केन्द्रपाड़ा है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — प्रताप चन्द्र मोहन्ती 30.3% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
6 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | प्रताप चन्द्र मोहन्ती UTC | UTC | 24,67353.1% |
| 2 | निशामणि खुटिया महागठबंधन | महागठबंधन | 10,60522.8% |
| 3 | अक्षय कुमार पंडा कांग्रेस (आर) | कांग्रेस (आर) | 6,03413.0% |
| 4 | जेनामुई एन. के. राय | 2,7315.9% | |
| 5 | बिष्णु चरण मल्लिक निर्दलीय | निर्दलीय | 1,7233.7% |
| 6 | बनमाली महापात्र निर्दलीय | निर्दलीय | 7171.5% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
UTC, PSP और INC को 89% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.81 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2009 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2009 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
तिर्तोल से कौन जीता, 1967–1971
UTC ने यह सीट PSP से छीन ली, जिसने इसे 1967 में जीता था। मतदान प्रतिशत 1967 के 60.9% से घटकर 59.8% रह गया।
- 1967एन. खुटिया (PSP), जीत का अंतर 18.8%
- 1971प्रताप चन्द्र मोहन्ती (UTC), जीत का अंतर 30.3%