बिंझारपुरविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1971
पबित्रमोहन जेना (INC) ने 1971 के विधान सभा चुनाव में 50.5% वोट पाकर बिंझारपुर सीट जीती और बिराजाप्रसाद मल्लिक (UTC) को 10,291 वोटों से हराया।
1967 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1961 में सीट नंबर 25 भंजनगर थी। 1971 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1974 से सीट नंबर 25 जयपुर है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — पबित्रमोहन जेना 27.3% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
5 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | पबित्रमोहन जेना कांग्रेस (आर) | कांग्रेस (आर) | 19,05750.5% |
| 2 | बिराजाप्रसाद मल्लिक UTC | UTC | 8,76623.2% |
| 3 | वैष्णव चरण मल्लिक महागठबंधन | महागठबंधन | 7,97221.1% |
| 4 | नबकिशोर मल्लिक | 1,0502.8% | |
| 5 | कपिला चरण मल्लिक निर्दलीय | निर्दलीय | 8862.4% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
INC, UTC और PSP को 95% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.82 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2009 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2009 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
बिंझारपुर से कौन जीता, 1967–1971
INC ने यह सीट PSP से छीन ली, जिसने इसे 1967 में जीता था। मतदान प्रतिशत 1967 के 49.6% से घटकर 43.8% रह गया।
- 1967बी.सी. मल्लिक (PSP), जीत का अंतर 30.8%
- 1971पबित्रमोहन जेना (INC), जीत का अंतर 27.3%