बड़चणाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1971
मनगोबिंद सामल (UTC) ने 1971 के विधान सभा चुनाव में 33.1% वोट पाकर बड़चणा सीट जीती और दुशासन जेना (CPI) को 1,306 वोटों से हराया।
1967 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1961 में सीट नंबर 24 कोदला पूर्व थी। 1971 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1974 से सीट नंबर 24 कोरेई है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
नज़दीकी मुक़ाबला। मनगोबिंद सामल 3.0% के अंतर से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
6 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | मनगोबिंद सामल UTC | UTC | 14,32733.1% |
| 2 | दुशासन जेना वाम दल | वाम दल | 13,02130.1% |
| 3 | हरियाजख्या उदंडरी कांग्रेस (आर) | कांग्रेस (आर) | 7,95618.4% |
| 4 | गुरुचरण टिकायत महागठबंधन | महागठबंधन | 3,5628.2% |
| 5 | शशिभूषण दास महागठबंधन | महागठबंधन | 3,3877.8% |
| 6 | कुलमणि जेना JAC | JAC | 1,0472.4% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 82% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 4.05 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2009 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2009 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
बड़चणा से कौन जीता, 1967–1971
UTC ने यह सीट PSP से छीन ली, जिसने इसे 1967 में जीता था। मतदान प्रतिशत 1967 के 58.3% से घटकर 51.1% रह गया।
- 1967जे. दास (PSP), जीत का अंतर 10.3%
- 1971मनगोबिंद सामल (UTC), जीत का अंतर 3.0%