गोंडियाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1971
बृंदावन त्रिपाठी (INC) ने 1971 के विधान सभा चुनाव में 39.5% वोट पाकर गोंडिया सीट जीती और हलधर मिश्र (SWA) को 2,240 वोटों से हराया।
1967 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1961 में सीट नंबर 135 जशीपुर थी। 1971 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1974 से सीट नंबर 135 सुन्दरगढ़ है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
7.8% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
8 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | बृंदावन त्रिपाठी कांग्रेस (आर) | कांग्रेस (आर) | 11,28039.5% |
| 2 | हलधर मिश्र महागठबंधन | महागठबंधन | 9,04031.6% |
| 3 | शरत चन्द्र सतपथी UTC | UTC | 3,81013.3% |
| 4 | देबेंद्रनाथ राउत JAC | JAC | 1,4765.2% |
| 5 | ब्रजकिशोर महापात्र वाम दल | वाम दल | 1,4235.0% |
| 6 | जाली साहू निर्दलीय | निर्दलीय | 6192.2% |
| 7 | भास्कर नाईक | 4951.7% | |
| 8 | उछब साहू निर्दलीय | निर्दलीय | 4421.6% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 84% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.58 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2009 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2009 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
गोंडिया से कौन जीता, 1967–1971
INC ने यह सीट SWA से छीन ली, जिसने इसे 1967 में जीता था। मतदान प्रतिशत 1967 के 42.7% से घटकर 37.1% रह गया।
- 1967एच. मिश्र (SWA), जीत का अंतर 41.2%
- 1971बृंदावन त्रिपाठी (INC), जीत का अंतर 7.8%