सुन्दरगढ़विधान सभा चुनाव का परिणाम, 1971
दिब्यलोचन शेखर देव (INC) ने 1971 के विधान सभा चुनाव में 42.5% वोट पाकर सुन्दरगढ़ सीट जीती और हरिहर पटेल (SWA) को 3,075 वोटों से हराया।
1967 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1961 में सीट नंबर 121 बासुदेवपुर थी। 1971 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1974 से सीट नंबर 121 पाललहड़ा है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
9.7% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
6 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | दिब्यलोचन शेखर देव कांग्रेस (आर) | कांग्रेस (आर) | 13,43842.5% |
| 2 | हरिहर पटेल महागठबंधन | महागठबंधन | 10,36332.8% |
| 3 | दुर्गामाधब पुरोहित | 3,60611.4% | |
| 4 | खगेश्वर पटेल UTC | UTC | 1,6345.2% |
| 5 | बैजू सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1,5695.0% |
| 6 | सत्यनारायण अगरवाला निर्दलीय | निर्दलीय | 1,0173.2% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 87% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.26 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2009 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2009 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
सुन्दरगढ़ से कौन जीता, 1967–1971
INC ने यह सीट SWA से छीन ली, जिसने इसे 1967 में जीता था। मतदान प्रतिशत 1967 के 44.7% से घटकर 42.6% रह गया।
- 1967एच. पटेल (SWA), जीत का अंतर 33.5%
- 1971दिब्यलोचन शेखर देव (INC), जीत का अंतर 9.7%