पदमपुरविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1971
कृपासिंधु भोई (INC) ने 1971 के विधान सभा चुनाव में 46.3% वोट पाकर पदमपुर सीट जीती और दुखीश्याम पधान (SOP) को 6,132 वोटों से हराया।
1967 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1961 में सीट नंबर 109 पाटकुरा थी। 1971 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1974 से सीट नंबर 109 सैंतला है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — कृपासिंधु भोई 27.3% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
6 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | कृपासिंधु भोई कांग्रेस (आर) | कांग्रेस (आर) | 10,41646.3% |
| 2 | दुखीश्याम पधान | 4,28419.0% | |
| 3 | बिपिन बिहारी पाणिग्रही महागठबंधन | महागठबंधन | 3,37315.0% |
| 4 | युधिष्ठिर साहू UTC | UTC | 2,66711.8% |
| 5 | लाल मित्रोदय सिंह | 1,2335.5% | |
| 6 | कुंज बिहारी बड़पंडा महागठबंधन | महागठबंधन | 5312.4% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 80% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.44 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2009 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2009 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
पदमपुर से कौन जीता, 1967–1971
INC ने यह सीट JAC से छीन ली, जिसने इसे 1967 में जीता था। मतदान प्रतिशत 1967 के 25.1% से बढ़कर 27.8% हो गया।
- 1967बी.बी.एस. बरिहा (JAC), जीत का अंतर 14.7%
- 1971कृपासिंधु भोई (INC), जीत का अंतर 27.3%